What is routing in hindi | Routing kya hai

Routing क्या है?

राउटिंग उन मार्गों को स्थापित करता है जो डेटा पैकेट को किसी विशेष डेस्टिनेशन के लिए अपने रास्ते पर ले जाते हैं।
यह शब्द इंटरनेट पर ट्रेवल करने वाले डेटा पर, 3G या 4G नेटवर्क पर, या दूरसंचार और अन्य डिजिटल संचार सेटअप के लिए उपयोग किए जाने वाले समान नेटवर्क पर लागू किया जा सकता है।
राउटिंग किसी मालिकाना नेटवर्क में भी हो सकता है। 
What is routing in hindi | Routing kya hai
What is routing in hindi | Routing kya hai

राउटिंग प्रोटोकॉल कैसे काम करते हैं :

प्रत्येक नेटवर्क रूटिंग प्रोटोकॉल तीन बेसिक कार्य करता है: 

डिस्कवरी –

नेटवर्क पर अन्य राउटर की पहचान और खोज कराणा।

रूट मैनेजमेंट – 

सभी के मार्ग का वर्णन करने वाले कुछ डेटा के साथ सभी संभावित डेस्टिनेशन (नेटवर्क मैसेजिंग के लिए) को ट्रैक करें।

पाथ डेटर्मिनेशन – 

प्रत्येक नेटवर्क संदेश भेजने के लिए गतिशील निर्णय लें।

Types of routing | राउटिंग के प्रकार :

Static Routing | स्टॅटिक राउटिंग
Dafault Routing | डिफ़ॉल्ट राउटिंग
Dynamic Routing | डायनामिक राउटिंग

Static Routingस्टॅटिक राउटिंग :

स्टॅटिक राउटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हमें खुदसे राउटिंग टेबल में मैन्युअल रूप से रूट जोड़ना या डालना होता है।

Static Routing के फायदे –

राउटर सीपीयू के लिए कोई भी राउटिंग ओवरहेड नहीं है जिसका मतलब है कि राउटिंग करने के लिए एक सस्ता या किफायती राउटर का उपयोग किया जा सकता है।
 
स्टॅटिक राऊटर अधिक सुरक्षा जोड़ता है क्योंकि केवल एक एडमिनिस्ट्रेटर ही राउटिंग को केवल विशेष नेटवर्क की अनुमति दे सकता है ; जैसे की ऊपर बताया हुआ है। 
 
स्टॅटिक राउटिंग में राउटर के बीच कोई बैंडविड्थ का इस्तेमाल नहीं होता। 

Static Routing के नुकसान –

एक बड़े नेटवर्क के लिए, प्रत्येक राउटर पर राउटिंग टेबल में नेटवर्क के लिए प्रत्येक रूट को मैन्युअल रूप से जोड़ना व्यवस्थापक यानि एडमिनिस्ट्रेटर के लिए एक बड़ा ही मुश्किल काम साबित हो सकता है।
स्टॅटिक राउटिंग में व्यवस्थापक को टोपोलॉजी का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक होता है।
 
यदि कोई नया व्यवस्थापक आता है, तो उसे प्रत्येक रूट को मैन्युअल रूप से जोड़ना होता है, इसलिए उसे टोपोलॉजी के रूट का बहुत अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है।

Dafault Routing | डिफ़ॉल्ट राउटिंग :

डिफ़ॉल्ट राउटिंग यह एक ऐसी मेथड है जहां राउटर को एक ही राउटर (अगले HOP) की ओर सभी डाटा पैकेट भेजने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया है।
 
डिफ़ॉल्ट राउटिंग उन छोटे छोटे नेटवर्क या नेटवर्क्स के लिए यह बहुत उपयोगी तरीका है जीन के पास केवाल सिंगल एंट्री और एग्जिट पॉइंट होते है। 
 
मूल रूप से डिफ़ॉल्ट राउटिंग पद्धति का उपयोग स्टेटिक या डायनेमिक राउटिंग को जोडके किया जाता है।
 
यह आमतौर पर स्टब राउटर के साथ प्रयोग किया जाता है। स्टब राउटर एक ऐसा राउटर होता है जिसमें अन्य सभी नेटवर्क तक पहुंचने के लिए केवल एक ही मार्ग होता है।

Dynamic Routing | डायनामिक राउटिंग :

डायनामिक राउटिंग , राउटिंग टेबल में रूट की वर्तमान स्थिति के अनुसार रूटों का अपने आप एडजस्टमेंट करता है।
डायनामिक राउटिंग में नेटवर्क डेस्टिनेशन और उस तक पहुंचने के रुट्स की खोज के लिए प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है।
RIP और OSPF को आप डायनामिक राउटिंग प्रोटोकॉल के बेहतरीन उदाहरण समझ सकते है। यदि एक रूट नीचे जाता है तो नेटवर्क डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए अपने आप से समायोजन किया जाता है।
 
एक डायनामिक राउटिंग प्रोटोकॉल में निम्नलिखित विशेषताएं हैं,
 
रुट्स का आदान-प्रदान करने के लिए राउटर के पास एक ही डायनामिक प्रोटोकॉल होना चाहिए।
जब एक राउटर टोपोलॉजी में बदलाव पाता है तो राउटर इसे अन्य सभी राउटर्स को विज्ञापित करता है।

Dynamic Routing के फायदे –

डायनामिक राउटिंग कॉन्फ़िगर करने में आसान है। 
डायनामिक राउटिंग रिमोट डेस्टिनेशन नेटवर्क के लिए सर्वोत्तम रूट का सिलेक्शन करने में और रिमोट नेटवर्क की खोज के लिए भी अधिक प्रभावी है।

Dynamic Routing के नुकसान –

अन्य पडोसी राऊटर के साथ कम्यूनिकेट करने के लिए अधिक बैंडविड्थ का उपयोग करता है।
स्टॅटिक राउटिंग से कम सुरक्षित है। 

Leave a Comment