DNS kya hai | what is dns in hindi

DNS Kya hota hai | What is DNS :

DNS का मतलब “डोमेन नेम सिस्टम (Domain Name System)” है। यह एक ऐसी सिस्टम है जो आपको समझने और पढ़ने में आसान डोमेन नेम्स  (जैसे Techsupprt4u.in) को सर्वर की विशिष्ट आईडी यानि IP Address के साथ connect करके वेबसाइटों से जुड़ने देती है जहां एक वेबसाइट stored  है।

DNS kya hai | what is dns in hindi
DNS kya hai | what is dns in hindi

 

डोमेन नेम सिस्टम (DNS) इंटरनेट की फोनबुक है। Humans यानि की हम जैसे उजर्स डोमेन नाम, जैसे की youtube.com या wikipedia.com के माध्यम से ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करते हैं। वेब ब्राउज़र (गूगल याहू बीइंग) इंटरनेट प्रोटोकॉल पतों (Ip address) के जरिए इंटरैक्ट करते हैं। DOMAIN NAME SYSTEM यानि DNS , डोमेन नेम्स  को IP Addresses में convert करता है ताकि ब्राउज़र इंटरनेट रिसोर्सेस को लोड कर सकें।

DNS सिस्टम को इंटरनेट की PhoneBook कहते है।  यह लोगों के नामों को उनके फोन नंबरों के साथ list करने के बजाय, इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस यानि IP Address को डोमेन नेम्स के साथ लिस्ट करता है। 

जब कोई user अपने डिवाइस पर Techsupport4u.in जैसे डोमेन नेम में प्रवेश करता है, तो DNS उस डोमेन का (techsupport4u.in) का IP address देखता है और उन्हें उस फिजिकल लोकेशन  से जोड़ता है जहां पर वो वेबसाइट stored  है।

DNS kaise kam karta hai | DNS workinng :

जैसे की हम सब जानते है इंटरनेट कम्प्यूटर्स का एक महाकाय नेटवर्क है। इंटरनेट से जुड़े हर एक डिवाइस को एक विशिष्ट IP Address दिया जाता है जो अन्य कंप्यूटरों या डीवायसेस  को इसे पहचानने में मदत करता है।

यह यूनिक IP एड्रेस ऐसी संख्याओं की एक स्ट्रिंग है जो कुछ इस तरह दिखती हैं: 192.124.249.166

अब आप कल्पना कीजिए कि अगर आपको किसी भी वेबसाइटों पर जाने के लिए संख्याओं की इतनी लंबी स्ट्रिंग याद रखनी पड़े तो क्या होगा ?  इसिलिय उन्हें याद रखना मुश्किल है और अगर आप उन्हें किसी ब्राउज़र में दर्ज करते हैं तो आपको दिखाई देने वाली वेबसाइट के बारे में कुछ भी नहीं बताते हैं।

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए domain name system की खोज  इस समस्या को हल करने के लिए लेटर्स का इस्तेमाल  करके और उपयोगकर्ताओं को अपनी वेबसाइटों के लिए याद रखने में आसान नाम चुनने की अनुमति देकर किया गया था।

डीएनएस या डोमेन नेम सिस्टम मूल असल में उन डोमेन नामों को आईपी एड्रेस में ट्रांसलेट करता है और आपके डिवाइस को सही दिशा में ब्राउज करता है।

एक डोमेन नेम और उसके मैचिंग वाले आईपी एड्रेस को “DNS Record” कहा जाता है।

 IP Address kya hai ?

मान लीजिए आप हमारी साइट www.techsupport4.in पर जाना चाहते हैं।

  1. आप अपना ब्राउज़र खोलें और एड्रेस बार में www.techsupport4u.in टाइप करें और कीबोर्ड पर एंटर दबाएं या सर्च बटन पर क्लिक करे। जैसे ही आप सर्च करते है एक त्वरित जांच की जाती है यह देखने के लिए कि क्या आप हमारी वेबसाइट पर पहले आ चुके हैं ?
  2. अगर आपके कंप्यूटर के डीएनएस कैश (DNS Cache) में सर्च किय गे डोमेन के डीएनएस रिकॉर्ड पाए जाते हैं, तो बाकी डीएनएस लुकअप को छोड़ दिया जाता है और आपको सीधे www.techsupport4u.in पर ले जाया जाएगा।
  3. यदि कोई DNS रिकॉर्ड नहीं मिलते हैं, तो आपके लोकल DNS सर्वर को एक query सेंड की जाती है। आमतौर पर यह आपके इंटरनेट प्रोवाइडर का सर्वर होता है और इसे अक्सर “Ressolving Nameserver” कहा जाता है।
  4. यदि रिकॉर्ड्स को रिजॉल्विंग नेमसर्वर पर कैश नहीं किया जाता है, तो DNS रिकॉर्ड्स का पता लगाने के लिए रिक्वेस्ट को “रूट नेमसर्वर” पर भेज दिया जाता है। रूट नेमसर्वर दुनिया भर में नामित सर्वर हैं जो DNS डेटा को स्टोर करने और सिस्टम को मक्खन की तरह काम करने के लिए जिम्मेदार हैं। एक बार जब DNS रिकॉर्ड रूट नेमसर्वर पर मिल जाता है, तो यह आपके कंप्यूटर द्वारा कैश किया जाता है।
  5.  अब जबकि डीएनएस रिकॉर्ड्स पता है हैं, सर्वर से एक कनेक्शन खुल जाएगा जहां वेबसाइट स्टोर्ड है और आपकी स्क्रीन पर www.techsupport4u.in नमक वेबसाइट display होगा।

name server kya hai | What is name server (NS) :

सर्वर कहे जाने वाले कम्प्यूटर्स के नेटवर्क के वजह से इंटरनेट अस्तित्व में है। सर्वर एक प्रकार का कंप्यूटर ही है जो वेबसाइटों को दुनिया भर के अन्य कंप्यूटरों में स्टोअर करने और डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए समर्पित है।

एक नेम सर्वर, जिसे कभी-कभी “नेमसर्वर” कहा जाता है, एक विशेष प्रकार का सर्वर है जो आपके डोमेन नेम के सभी DNS रिकार्ड्स  रखता है। इसका काम आपकी DNS जानकारी अनुरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को डिलीवर करना है।

किसी भी डोमेन के नेमसर्वर आमतौर पर Domain name registrar या Hosting provider द्वारा मैनेज किए जाते हैं।

हर एक नेमसर्वर का अपना पता होता है और यह कई वेबसाइटों के रिकार्ड्स को स्टोर कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी वेबसाइट ब्लूहोस्ट पर होस्ट की गई है तो आपके DNS रिकॉर्ड्स को मैनेज करने के लिए उपयोग किया जाने वाला नेम सर्वर इस तरह दिखने वाले अड्रेस वाले नेमसर्वर पर होगा:

 

NS1.bluehost.com

 

NS2.bluehost.com

 

NS3.bluehost.com

 

हर एक डोमेन नेम में कम से कम दो नेमसर्वर तो होने ही चाहिए। पहला नेमसर्वर primary nameserver है। यदि primary server प्रतिसाद नहीं देता है, तो डोमेन नेम को रेसोल्वे  करने के लिए secondary nameserver का इस्तेमाल किया जाता है।

कुछ WordPress Hosting Provider भी उपयोगकर्ताओं को अपने खुदके नेमसर्वर प्राप्त करने की परमिशन देते हैं। उदाहरण के लिए, Techsupport4u में हम अपने निजी नेमसर्वर का उपयोग करते हैं।

NS0.Techsupport4u.in

 

NS1.Techsupport4u.in

 

NS2.Techsupport4u.in

 

NS3.Techsupport4u.in

 

NS4.Techsupport4u.in

Name Server kaise badale | Change Name Server :

DNS सिस्टम के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह वेबसाइट ओनर्स को अपने डोमेन नेम को बदले बिना अपनी वेबसाइट को स्थानांतरित करने की परमिशन देता है।

Best डोमेन रजिस्ट्रार आमतौर पर डोमेन ओनर्स को अपने नेमसर्वर को manage करने के लिए आसान टूल प्रदान करते हैं।

Ideally, यह सबसे अच्छा होगा अगर आप अपने डोमेन को अपने होस्टिंग प्रोवाइडर के साथ रजिस्टर करते हैं। अपने खुदके के होस्टिंग प्रोवाइडर का उपयोग करने से डोमेन नेम स्थानांतरित करने और नेमसर्वर बदलने की जरुरत ही नहीं है।

अगर आपका डोमेन नेम एक प्रोवाइडर के साथ रजिस्टर्ड है और आपकी वेबसाइट कहीं और होस्ट की गई है, तो आप बस डीएनएस नेमसर्वर बदल सकते हैं और अपने वेब होस्ट को पॉइंट कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आपका डोमेन नेम Domain.com के साथ रजिस्टर्ड है और आपकी वेबसाइट एक लोकप्रिय वर्डप्रेस वेब होस्टिंग कंपनी के साथ होस्ट की गई है, तो आप आसानी से अपने नेमसर्वर बदल सकते हैं।

कुछ वर्डप्रेस होस्टिंग प्रोवाइडर्स आपके होस्टिंग खाते को मैनेज करने के लिए cPanel को ऑफर कर सकते हैं। हम आपको DNS रिकॉर्ड संपादित करने का तरीका दिखाने के लिए Domain.com का उपयोग करेंगे:

  • सबसे पहले Domain.com पर लॉग इन करें और फिर मैनेज पर क्लिक करें।
  • इसके बाद,लेफ्ट साइड के मेनू में DNS और Nameservers चुनें।
  • फिर, डोमेन नेम चुनें और स्क्रीन के दाईं ओर 3 डॉट्स पर क्लिक करें।
  • अब,Edit पर क्लिक करके अपने नेमसर्वर सेलेक्ट करें।
  • फिर, दिए गए feild में अपना नेमसर्वर दर्ज करें।
  • आखिर में,Submit you changes पर क्लिक करें, और आपका काम हो गया।

अगर आपके पास Domain.com खाता नहीं है यानि की आप दूसरे रेगिस्ट्रन्ट के यूजर है तो  तो आप अपने वेब होस्ट या रजिस्ट्रार खाते पर नाम सर्वर बदल सकते हैं। यदि आपको उन्हें बदलने का तरीका नहीं मिल रहा है, तो अपने डोमेन रजिस्ट्रार के Help pages देखें या उन्हें ईमेल करें।

Hosting kya hai ?

DNS Record kya hai | What is DNS Record :

CNAME का मतलब canonical name है। CNAME रिकॉर्ड एक प्रकार का DNS रिकॉर्ड है जिसका उपयोग किसी डोमेन नाम को IP पते के बजाय किसी अन्य डोमेन नाम पर point करने के लिए किया जाता है।

उदाहरण के लिए, 

मान लें कि आप यह confirm करना चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट example.com है, लेकिन आपने exampleS.com भी register किया है और आप चाहते हैं कि यह(exampleS.com) आपकी मुख्य वेबसाइट(example.com) पर जाए।

उस स्थिति में, आप एक CNAME रिकॉर्ड सेट कर सकते हैं ताकि exampleS.com पर जाने वाला कोई भी यूजर इसके बजाय example.com पर जाए।

TXT Record kya hai | What is TXT Record :

TXT रिकॉर्ड भी एक DNS resource record type है। 

TXT रिकॉर्ड में SPF (Sender policy framework) और DKIM (Domain key identified mail) दोनों रिकॉर्ड हो सकते हैं जो आउटगोइंग मेल में encrypted key जोड़ते हैं।

 

यह जानकारी आपके मेल सर्वर में एक trust layer जोड़कर आपकी ईमेल डिलीवरी में सुधार करती है।

Routing kya hai ?

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